Tum
बहोत खास हो तुम,
दिल के बहोत पास हो तुम,
नखरे वाली, पर बहोत प्यारी,
सिर्फ मेरे लिए एक खुली किताब हो तुम।
ज़िन्दगी में धूप सी उभर के आई,
छावं में भी मेरी परछाई हो तुम।
खुदा का कारनामा ,उनकी नायाब लिखाई हो तुम!
अंतहीन वो समंदर की गहराई हो तुम,
दिन मैं सबसे पहले जो मेरे साथ होती
हर सुबह की अंगड़ाई हो तुम,
तुम हो , तुम ही रहना,
इसलिए कहना चाहता हूँ_______तुम्हे
जो साथ हो न तुम
तो हँसी ख्वाब होती ज़िन्दगी
दूर तुमसे,
हो जाती नाराज़ ये ज़िन्दगी।
जो साथ हो न तुम
सारी कमिया दूर हो जाती है
परेशानियां सामने झुक जाती है।
उम्मीद ले आती हो
बे रंग जहाँ मैं मेरे, जब साथ तुम चलती हो।
तुम से ही अच्छा वक़्त होता है,
तुम पे ही सारे गम आ रुक जाते है,
अगर न होती तुम,।
वो एक ख्वाब सी उम्र होती तुम,
गुम कल की बात होती तुम,
जो बीत गयी वो कल सी,
बस एक हँसी रात सी होती तुम।
तुम थी, तुम ही रहना ,
बस इतना ही है तुमसे कहना।
बस -
................तुम, तुम ,, तुम।
`Writer°
`shiva rajak
2nd jan 2020
Ky bat ky bat ky bat....
ReplyDelete😁😁
DeleteBahut hi pyara hai
ReplyDeleteOho ..thank u😋😋
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