मैं कवि हूँ❤️।

मैं कवि हूँ,
मैं दर्द लिखता,
अपने ऊपर बकाये कर्ज लिखता हूँ
मैं मेरे गम लिखता हूँ
जिसने परेशान हो जाता हूँ
वो बेदम लिखता हूँ।
मैं कवि हूँ , मैं दर्द लिखता हूँ।

मैं लिखता हूँ हकीकत 
मैं सच लिखता हूँ
मैंने जो झूट सहा है 
वो यहाँ बेझिझक लिखता हूँ
मैं कवि हूँ ,
मैं दर्द लिखता हूँ।

जो हुए हादसे मेरे साथ,
जो होने न थे साथ मेरे
मैं हर वो भेद -भाव का हिसाब  लिखता हूँ
मैं कवि हूँ,
मैं दर्द लिखता हूँ

मैं कवि हूँ ,ज़िन्दगी लिखता हूँ
मैं धोके लिखता हूँ,
मैं कहानिया की हक़ीक़त लिखता हूँ
मैं अपना फ़र्ज़ लिखता हूँ
मैं कवि  हूँ ,हर गम का मर्ज लिखता हूँ।

मैंने मोहब्बत की नियत भी लिखी है
इससे मिले सिलसिलों के अंजाम भी,

मैंने जब भी लिखा वास्तव को
ज्यादा कुछ नही बस,, 
कुछ पलो की फिर से सज़ा मिली है,
मैं कवि हूँ,
और मैं दुनिया का ,खुद का दर्द लिखता हूँ।
मैं कवि हूँ खुद से दूर तक लिखता हूँ,
मैं सच लिखता हूँ।


Writer 
Shiva rajak❤️
23 jan 2020
8.48 pm


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