तुम भी वक़्त जैसे थे!
हम भी थे, तुम भी,
की तुम वक़्त जैसे थे,
यादें छोड़ गए,
तुम भी दुर हमसे, बीत गए!
की तुम वक़्त जैसे हो,
मिठास भी याद आती है तुम्हारी"
खटास आज भी रुलाती है,
कमी तेरी अब मुझे सताती है,।
वो जो अच्छा वक़्त था,
सायद कुछ वक़्त का था,
हम भी थे ,तुम भी,
की तुम वक़्त जैसे थे,
Writer
Shiva rajak
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